ट्रेनों में टीटीई कम, इसलिए बढ़ रहे बेटिकट यात्री

नागपुर.मध्य रेलवे नागपुर मंडल अंतर्गत इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच 34 हजार 9 सौ 92 बेटिकट यात्री पकड़े गए। सिर्फ जुलाई माह में इनकी संख्या 7 हजार 355 है। वहीं गत वर्ष जुलाई में 6 हजार 835 यात्री पकड़े गये थे। अनियमित टिकटवालों की संख्या भी बढ़ी है। गत वर्ष इसी माह में इनकी संख्या 14 हजार 686 थी, वहीं इस बार आंकड़ा 16 हजार 254 पर पहुंच गया है। बिना लगेज बुक करनेवालों की भी यही स्थिति है। गत वर्ष 3 हजार 3 सौ 19 मामले सामने आए थे, वहीं इस वर्ष इनकी संख्या 5 हजार 9 सौ 43 पहुंच चुकी है।
नागपुर मंडल में 625 टीटीई और होने चाहिए
दरअसल, टीटीई की कमी के कारण यह स्थिति सामने आ रही है। मध्य रेलवे नागपुर मंडल में कुल 1200 टीटीई की जगह है, लेकिन वर्तमान में 575 जगह खाली हैं। यही कारण है कि हर कोच के यात्रियों पर पूरा ध्यान रख पाना संभव नहीं हो रहा है। रोजाना सैकड़ों यात्री इसका फायद उठा उठा रहे हैं। समस्या महिनों से चलती आ रही है।
एक टीटीई के जिम्मे 3 के स्थान पर 10 कोच
भारतीय यात्री केन्द्र के महासचिव बसंत कुमार शुक्ला का कहना है कि नागपुर मंडल में बड़ी संख्या में टीटीई की कमी है। इस कारण सभी कोच की ठीक से जांच नहीं हो पाती है। आरक्षित बोगियों में भी बे-टिकट यात्री सफर करते हैं। नियमानुसार, प्रत्येक 3 कोच के पीछे एक टीटीई होना चाहिए, जबकि वर्तमान में एक टीटीई को 8 से 10 कोच संभालना पड़ रहा है। नियमित सफर करनेवाले बखूबी इस बात को जानते हैं, इसलिए फायदा उठाने से बाज भी नहीं आते। खुद अधिकारी बताते हैं कि हर माह रेलवे को भारी राजस्व की क्षति हो रही है, लेकिन बे-टिकट यात्रियों पर अंकुश लगाने में सफलता नहीं मिल पा रही है।






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