बीमारी और मुफलिसी से तंग एकलौती बेटी को 15 हजार में बेचा

संजय मिश्र. उन्नाव
बीमारी और मुफलिसी से तंग पिता ने चंद रुपयों के लिए अपनी एकलौती बच्ची को बेच दिया। मासूम की मां अपनी लाडली की एक झलक पाने के लिए तड़प रही है। खरीदार ने मासूम की पहचान मिटाने के लिए उसका सिर मुंड़वा दिया है। मां ने बताया कि वह जब बच्ची से मिलने पहुंची तो खरीदार ने उसे मारने की धमकी दी। कानपुर के बिठूर निवासी श्रीकृष्ण (30) बीमारी की वजह से दाने-दाने को मोहताज हो गया। पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन न कर पाने पर उसने घर छोड़ दिया और उन्नाव के मोतीनगर स्थित हनुमान मंदिर के बाहर रहने लगा। वह मंदिर आने-जाने वालों और इधर-उधर से भीख मांग कर पांच माह से अपना पेट भर रहा था। मासूम को पालने के लिए पत्नी शारदा गांव में ही मजदूरी कर गुजर-बसर करने लगी, इसी बीच उसे पता चला कि पति उन्नाव में मंदिर के बाहर पड़ा है और सर्दी से काफी बीमार हो गया है। पति के बीमारी की जानकारी पर वह लगभग एक पखवारा पहले बच्ची के साथ उन्नाव पहुंच गई। इसी दौरान बीमार पति ने अपने भतीजे के साथ मिलकर नौ माह की बेटी का महज 15 हजार रुपए में सौदा शहर के कांशीराम कॉलोनी निवासी भोला नाम के एक युवक से कर लिया। दस दिन पहले भोला खापढ़ी कर बच्ची को ले गया, उसने श्रीकृष्ण से बाकायदा अंगूठा लगवाया। पूरे दिन शारदा को बच्ची नहीं दिखी तो पति से पूछना शुरू किया, पति दिन भर बहाने बनाता रहा। शक होने पर शाम को शारदा ने पति से झगड़ना शुरू कर दिया और बच्ची लाने की जिद करने लगी। पति ने पहले ना नुकुर की लेकिन फिर बता दिया कि मजबूरी में बच्ची को बेच दिया है। पति से नाम-पता पूछने के बाद शारदा बच्ची को लेने कांशीराम कालोनी पहुंच गई, वहां उसको बच्ची से मिलने नहीं दिया गया। उसके अड़ने पर काट डालने की धमकी दी गई। शारदा ने बताया कि बच्ची को खरीदने वाले ने पहचान छिपाने के लिए मासूम का सिर मुंड़वा दिया है। पहले वहां के लोगों ने उसकी मदद करनी चाही और बच्ची के बारे में बताया लेकिन धमकी मिलने के बाद सभी उससे दूर भाग गए।
कोई बेटी दिलवा दे
फूट-फूटकर रो रही मां सभी आने-जाने वालों से एक ही गुहार लगा रही है कोई उसकी बच्ची को वापस दिलवा दे। वह बताती है कि पहले दो बेटे हुए थे लेकिन दोनों खत्म हो गए। बाद में बच्ची हुई, अब पति ने उसे भी बेच दिया।
भतीजा ले गया रुपए
शारदा के मुताबिक भतीजे से पति से कभी सात हजार रुपए उधार लिए थे, बच्ची बेच कर 15 हजार रुपए मिलने पर ब्याज के साथ आठ हजार वह ले गया। बाकी सात हजार रुपए पति ने इलाज में खर्च कर दिए। उसको न एक नया पैसा मिला है और न चाहिए।
डीएम ने दिए जांच के आदेश
बच्ची को बेचने का मामला डीएम अदिति सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने महिला थानाध्यक्ष नमिता सिंह को जांच के लिए कहा। देर रात को महिला थानाध्यक्ष मामले की जांच में जुट गईं। उन्होंने बताया कि बच्चे को बेचना-खरीदना अपराध की श्रेणी में आता है, मासूम की मां तहरीर देती है तो कार्रवाई की जाएगी। साभार : लाइव हिंदुस्तान






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