15 दिन में निर्णय होगा कि सरकार के साथ रहना है या नहीं : राजू शेट्टी

नागपुर. अगले हफ्ते हम मुख्यमंत्री से मिलकर यह स्पष्ट करनेवाले हैं कि महाराष्ट्र के मंत्रिमंडल में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन का कोई प्रतिनिधि ना रखें। सदाभाऊ खोत को हमने निष्कासित किया है। एनडीए को सिर्फ हमारा समर्थन है। अगर वे चाहते हैं तो निर्णय ले सकते हैं कि हमें रखना है या नहीं और हम भी यह जल्द फैसला करेंगे कि हम एनडीए में रहेंगे या नहीं। दस से पंद्रह दिनों के भीतर हमारे राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद हम निर्णय ले लेंगे। प्रधानमंत्री इसी शर्त पर हमें साथ लिए थे कि हम किसानों के हितों का फैसला लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। केंद्र के साथ राज्य सरकार पर यह तल्ख टिप्पणी स्वाभिमानी पार्टी प्रमुख व सांसद राजू शेट्टी ने शनिवार को विधायक निवास परिसर में आयोजित पत्र परिषद के दौरान की। उन्होंने यह भी कहा कि आनेवाले समय में केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें मंत्री पद के लिए पूछा भी जाता है तो वह इनकार कर देंगे, क्योंकि प्रधानमंत्री ने अब तक तीन सालों में उनसे किए वादों को पूरा नहीं किया।
मुख्यमंत्री पर निर्भर खोत का मंत्री पद
सदाभाऊ खोत का राजीनामा मांगे जाने के विषय को लेकर उन्होंने कहा कि विधान सभा चुनाव के पूर्व हुए समझौते में भाजपा को एक सीट देना था। भाजपा मंत्रिमंडल में भी स्वाभिमानी पार्टी से एक प्रतिनिधि जाना तय था। इस समझौते के तहत ही खोत को प्रतिनिधि के तौर पर भेजा गया, लेकिन उनकी नियुक्ति करते समय भाजपा ने खोत का एबी फॉर्म भाजपा की ओर से भरा। मैंने उस समय ही आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अब मुख्यमंत्री को भी यह तय करना है कि सदाभाऊ को स्वाभिमानी पार्टी के सदस्य के रूप में मंत्री रखना है या नहीं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा भी की गई 34 हजार करोड़ रुपए की किसान कर्ज मुक्ति दिखावा है। कर्ज मुक्ति के नाम पर आंकड़े बढ़ा चढ़ाकर बताए जा रहे हैं।
फिर से करेंगे प्रदर्शन
अब हमने दिल्ली टारगेट किया है। कई राज्यों से किसान दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। किसान मुक्ति यात्रा पहले महाराष्ट्र में किया जा चुका है। दूसरे चरण में 15 सितंबर से हैदराबाद से निकलनेवाली यह यात्रा को फिर से महाराष्ट्र के कुछ इलाकों विशेष तौर से मराठवाड़ा में निकालने की योजना है। पत्र परिषद में जनमंच प्रमुख अधिवक्ता अनिल किलोर व अन्य पदाधिकारी भी प्रमुखता से मौजूद थे।






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