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October, 2016

 

जेल और जहालत में आदिवासी

अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के करीब 31 हजार विचाराधीन कैदी बिना सुनवाई के जेल में सड़ रहे हैं। वे पुलिस व कोर्ट की कार्रवाई की भाषा समझ नहीं पाते हैं। कोर्ट उन्हें अच्छा अनुवादक भी उपलब्ध नहीं करा पता है। संजय स्वदेश भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश बनने जा रहे न्यायमूर्ति एच एल दत्तू ने भारतीय न्यायपालिका को विश्व की सर्वश्रेष्ठ न्यायपालिका बताया और इसे उच्च स्तर पर ले जाने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। भारतीय न्याय व्यवस्था व्यवस्था में यह कहा जाता है कि भले की गुनाहगार कोRead More


सिद्धी धमाल को संरक्षण की दरकार

देश में जन्म से लेकर मृत्यु तक हर मौके पर नृत्य की परंपरा है। हर नृत्य में भावनाओं की अभिव्यंजना होती है। अफ्रीका मूल के, पर गुजरात में आ बसे सिद्धियों का परंपरागत नृत्य हजरत बाबा गौर की इबादत में किया जाता है। शायद ही ऐसी कोई पुस्तक हो, जहां इन सिद्धियों का इतिहास मिलता हो। ऐसा विश्वास किया जाता है कि सिद्धियों का धमाल नृत्य करीब 700 साल पुराना है, जिसे गुजरात में बसे इसी सिद्धि समुदाय ने संरक्षित किया है। अपने देश में इस नृत्य के बारे मेंRead More