Wednesday, August 30th, 2017

 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से कहा -वैवाहिक दुष्कर्म को नहीं मान सकते रेप

मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने से विवाह संस्था ढह जाएगी नई दिल्ली. ए. केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि वैवाहिक दुष्कर्म (मैरिटल रेप) को अपराध घोषित करने से विवाह संस्था ढह सकती है और इसके अलावा यह पतियों को परेशान करने का आसान हथियार बन सकता है. केंद्र सरकार की ओर से अदालत में पेश किए गए हलफनामे में कहा गया कि पति और पत्नी के बीच यौन संबंध का कोई विशिष्ट सबूत नहीं हो सकता. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायाधीश सी. हरि शंकरRead More